Showing posts with label Hindu Struggle Committee. Show all posts
Showing posts with label Hindu Struggle Committee. Show all posts

Thursday, 6 October 2011

जेएनयू में डॉ सुब्रमनियम स्वामी, हिन्दू संघर्ष समिति की संगोष्ठी


नई दिल्ली. 02 अक्टूबर| रविवार को जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय में सांप्रदायिक एवं लक्षित हिंसा रोकथाम विधेयक को लेकर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया. हिन्दू संघर्ष समिति और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के तत्वाधान में आयोजित इस संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में जनता पार्टी के अध्यक्ष और सांसद डॉ सुब्रमनियम स्वामी मौजूद थे. डॉ स्वामी को सुनने के लिए बड़ी मात्रा में विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे. डॉ स्वामी के भाषण को सभी ने बहुत ध्यानपूर्वक सुना. साथ ही जेएनयू के स्कोलर्स ने इस विषय पर डॉ स्वामी से सवाल-जवाब भी किया जिसका डॉ स्वामी ने बड़े धैर्यपूर्वक जवाब दिया और उन्हें संतुष्ट किया.

हिन्दू संघर्ष समिति के अध्यक्ष श्री अरुण विक्रमादित्य भी इस अवसर पर मौजूद थे और उन्होंने भी सभा को संबोधित किया. इस संगोठी का आयोजन अम्बा शंकर वाजपेयी और गायत्री दीक्षित के नेतृत्व में जेएनयू इकाई द्वारा किया था. इस मौके पर विष्णु गुप्ता, विशाल कुमार, स्वतंत्रदीप कौशिक आदि कार्यकर्ता भी मौजूद थे.

Thursday, 22 September 2011

लखनऊ में हिन्दू संघर्ष समिति का कार्यक्रम

हाल ही में लखनऊ में हिन्दू संघर्ष समिति का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ. सांप्रदायिक एवं लक्षित हिंसा रोकथाम विधेयक के विरोध में ये कार्यक्रम किया गया. लखनऊ के राजा बाजार में आयोजित इस कार्यक्रम में रितेश आनंद त्रिवेदी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम में इस विधेयक के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई और इसके भविष्य के घातक परिणामों से अवगत कराया गया.

रितेश आनंद त्रिवेदी ने संबोधित करते हुए कहा कि ये बिल हिन्दुओं को उनके ही देश में पूरी तरह विकलांग कर देने के लिए है. ये एक सरकारी प्रयास है जिसके माध्यम से मुसलमानों के तलवे चाटने वाली सरकार हमें पंगु बना देना चाहती है. उन्होंने कहा कि लेकिन हम इसे किसी भी सूरत में पास नहीं होने देंगे चाहे इसके लिए हमें अपने प्राणों की बाजी भी क्यों न लगानी पड़े. 

Wednesday, 21 September 2011

हिन्दू संघर्ष समिति ने धन्यवाद व्यक्त किया

19 सितम्बर 2008 में, मिनी पाकिस्तान जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी स्थित बटला हाउस एनकाउन्टर में शहीद हुए इंस्पेक्टर मोहनचंद शर्मा की वर्षी 19 सितम्बर, 2011 को कई जगह मनाई गई और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई. हिन्दू संघर्ष समिति की ओर से जगदगुरु शंकराचार्य परम पूज्य स्वामी जयेन्द्र सरस्वती जी ने इस बार एक अपील वीडियो जारी की थी. इस वीडियो को  http://www.youtube.com/watch?v=JuZPFaomQHE लिंक पर देखा जा सकता है.

दिल्ली में कई स्थानों पर शहीद मोहन चंद शर्मा की याद में कार्यक्रम किये गए और उन्हें श्रद्धांजलि दी गई. अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं ने, गैर सरकारी संगठनों ने और कुछ राजनीतिक दलों ने इस मौके पर कार्यक्रम किये. हिन्दू संघर्ष समिति उन सभी का आभार व्यक्त करती है. हम निवेदन करते हैं कि शहीद मोहनचंद शर्मा को प्रतिवर्ष इसी तरह याद करते रहें. उन्होंने भारत को नष्ट करने के सपने देखने वाले जिहादी आतंकवादियों से लोहा लेते हुए अपने प्राण न्योछावर किये हैं. वे भारत के नायक (हीरो) हैं. हमें ऐसे सच्चे सपूतों को जरुर याद करना चाहिए.

Tuesday, 20 September 2011

अरुण विक्रमादित्य ने बीजेपी को चेताया

हिन्दू संघर्ष समिति के अध्यक्ष श्री अरुण विक्रमादित्य ने बीजेपी को चेताया, उलेमा काउन्सिल में बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रभारी डॉ जे के जैन के भाषण की निंदा की,


श्री अरुण विक्रमादित्य का बयान --- अभी हाल की कुछ घटनाओं से भारतीय जनता पार्टी का चाल, चरित्र और चेहरा कुछ और बदरंग होता नजर आया है. भारतीय जनता पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रभारी डॉ जे के जैन का उलेमा काउन्सिल में 19 सितम्बर को दिया गया भाषण आतंकवादियों को उत्पीडन का जामा पहनाकर सहानुभूति और दया का पात्र बताने की कोशिश है जो सही मायनों में भयंकर पाप एवं स्पष्ट देशद्रोह है. उत्पीडन के शिकार आतंकवादी नहीं बल्कि बम विस्फोटों, आतंकवादी हमलों में मारे गए निर्दोष नागरिक एवं सुरक्षा कर्मी हैं. भारतीय जनता पार्टी की यह नीति भय, भूख और भ्रष्टाचार से लड़ने वाली, जिसकी वो दावा करते हैं, होने की बजाय, अन्याय और इस्लामिक आतंकवाद का तुष्टिकरण है. इस प्रकार की तथाकथित ओछी धर्मनिरपेक्षता या सस्ती राजनितिक फसल काटने की इच्छा दुर्बुद्धि के सिवाय कुछ और नहीं है. इससे भाजपा के राष्ट्रवादी चरित्र का पतन होता प्रतीत हो रहा है.

मेरी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शीर्ष नेतृत्व से प्रार्थना है कि राष्ट्रवादी संगठन के तौर पर पहचाने जाने वाली भारतीय जनता पार्टी पर ऐसा कलंक न लगने दें और उन्हें तुरंत बर्खास्त किया जाये. मैं उनसे विनती करता हूँ कि वो न्याय सभी के लिए और तुष्टिकरण किसी के लिए नहीं वाली नीति की स्पष्ट व्याख्या करें. जे के जैन जैसे नेता भाजपा के राष्ट्रवादी चरित्र का बलात्कार करने की कोशिश कर रहे हैं जो बहुत ज्यादा निंदनीय है. 

डॉ जे के जैन के भाषण के लिए विजिट करें- http://twocircles.net/2011sep19/bjp_extends_its_support_ulema_council_wants_alliance_cleric_based_party.html

Sunday, 18 September 2011

Sahadat Diwas 19 September - Mohan Chand Sharma

शहीद मोहन चंद शर्मा का बलिदान दिवस-19 सितम्बर 2011

19 सितम्बर को हम सबको शहीद मोहन चंद शर्मा का बलिदान दिवस मनाना चाहिए क्योंकि सरकार द्वारा प्रायोजित शहीदों को तो हम याद रखते हैं लेकिन वास्तविक शहीदों को हम भूल जाते हैं. हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट में हुए बोम्ब ब्लास्ट के बाद जामिया में जिहादी आतकंवादियों से सहानुभूति रखने वालों में ख़ुशी का माहौल है. ऐसे में 19 तारीख को उनका बलिदान दिवस मानना और भी प्रासंगिक हो जाता है.
हिन्दू संघर्ष समिति इस दिवस को मानाने की सभी से अपील करती है. अधिक से अधिक लोग 19 सितम्बर को सुबह 11 बजे जामिया में पहुंचकर शहीद मोहन चंद शर्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करें.

जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी जयेन्द्र सरस्वती जी ने भी बलिदान दिवस मनाने की अपील की है

Tuesday, 19 July 2011

Hindu Struggle Committee

Ritesh Anand Trivedi

Short title, extent and commencement.-
 (1) This Act is called “Prevention of Communal and Targeted Violence (Access to Justice and Reparations) Act, 2011”.
(2) It extends to the whole of India.
Provided that the Central Government may, with the consent of the State of Jammu and Kashmir, extend the Act to that State.
(3) It shall come in to force within one year from the date of the passing of this Act.


Definitions.- In this Act, unless the context otherwise so requires:-
(a) “Armed Forces or Security Forces” means Armed Forces of the Union or Security Forces or Police Forces, as specified in Schedule I.

(b) “association" means any combination or body of individuals, whether or not registered or incorporated under any law for the time being in force;

(c) “communal and targeted violence” means and includes any act or series of acts, whether spontaneous or planned, resulting in injury or harm to the person and or property, knowingly directed against any person by virtue of his or her membership of any group, which destroys the secular fabric of the nation;

(d) “fund” means the Communal and Targeted Violence Relief and Rehabilitation Fund established under this Act;

(e) “group” means a religious or linguistic minority, in any State in the Union of India, or Scheduled Castes and Scheduled Tribes within the meaning of clauses (24) and (25) of Article 366 of the Constitution of India;

(f) “hostile environment against a group” means an intimidating or coercive environment that is created when a person belonging to any group as defined under this Act, by virtue of his or her membership of
that group, is subjected to any of the following acts:

(i) boycott of the trade or businesses of such person or making it otherwise difficult for him or her to earn a living; or,
(ii) publicly humiliate such person through exclusion from public services, including education, health and transportation or any act of indignity; or,
(iii) deprive or threaten to deprive such person of his or her fundamental rights; or,
(iv) force such person to leave his or her home or place of ordinary residence or livelihood without his or her express consent; or,
(v) any other act, whether or not it amounts to an offence under this Act, that has the purpose or effect of creating an intimidating, hostile or offensive environment.
     
 The bill provides for a seven-member national authority for communal harmony, justice and reparations. Of these seven members at least four of them including the chairman and vice-chairman shall only belong to a ‘group’ (the minority community). A similar body is intended to be created in the states. Membership of this body thus shall be on religious and caste grounds. The offenders under this law are only the members of the majority community.

The most vital definition of the bill is of the expression ‘group’. A ‘group’ means a religious or linguistic minority and in a given state may include the Scheduled Castes and Scheduled Tribes. The bill creates a whole set of new offences in Chapter II. Clause 6 clarifies that the offences under this bill are in addition to the offences under the SC & ST (Prevention of Atrocities) Act, 1989. Can a person be punished twice for the same offence?

This draft bill however proceeds on a presumption that communal trouble is created only by members of the majority community and never by a member of the minority community. Thus, offences committed by members of the majority community against members of the minority community are punishable. Identical offences committed by minority groups against the majority are not deemed to be offences at all.

 Sexual assault.– A person is said to commit sexual assault if he or she commits any of the following acts against a person belonging to a group by virtue of that person’s membership of a group:

(a) against a woman,
(i) rape;
(ii) gang rape;
(iii) mass rape.

(b) against any person, without their consent or against their will,
(i) the introduction by a man of his penis or any other body part or

an object into vagina, mouth or anus, to any extent;
(ii) causing harm or hurt to reproductive organs or genital organs;
(iii) exposing one’s sexual organs in front of any person;
(iv) sexual contact of any sort, including the performance of sexual acts for any length of time;
(v) removing the persons clothes, partially or fully, or compelling that person to undress himself or herself, partially or fully, in public view or otherwise, or parading that person in undressed state in public view or otherwise;
(vi) any other act or conduct that subjects that person to sexual indignity.

Explanation 1– For the purposes of this section, mass rape means the rape of more than one woman belonging to any group.
Explanation 2– For the purposes of this section, consent shall mean –
(a) The unequivocal voluntary agreement where the person has by words, gestures, or any form of non-verbal communication, communicated willingness to participate in the act referred to in this section;
(b) “Unequivocal voluntary agreement .
(b) “Unequivocal voluntary agreement” means willingness given for specific and be limited to the express act consented to under this Section.

Explanation 3 – For the purposes of this section, consent shall not be caused by duress, threat, terror, fear, coercion, undue influence, misrepresentation or mistake of fact.
Thus a sexual assault is punishable under this bill and only if committed against a person belonging to a minority ‘group’. A member of a majority community in a state does not fall within the purview of a ‘group’.Thus this bill has no concern with majority on being raped by a ‘group’ . So what if a majority girl being raped by a group this law simply reflects it will not be a rape as it’s a preassumed fact by NAC majority people are always responsible for riots.

Sunday, 10 July 2011

Press Release

देश भर में होगा आन्दोलन:अरुण विक्रमादित्य
सांप्रदायिक एवं लक्षित हिंसा रोकथाम (न्याय एवं क्षतिपूर्ति) विधेयक, 2011 के विरोध में देश भर में हिन्दू मन आक्रोशित हो रहा है. हिन्दू संघर्ष समिति ने इस आक्रोश को राष्ट्रीय स्वरुप देकर इस काले कानून से हिन्दू धर्म और हिन्दुओं की रक्षा का प्राण लिया है. हिन्दू संघर्ष समिति ने जुलाई के प्रथम सप्ताह से इस विधेयक के विरोध में एक जनांदोलन शुरू कर दिया है. समिति देश भर के हिन्दू संगठनों में समन्वयक का काम करेगी. हिन्दू संघर्ष समिति इस विधेयक के विरोध में देश भर में जागरूकता लाकर इस विधेयक के कानून बनने से पहले ही दफन कर देगी. इसके लिए समिति अगले दो महीने व्यापक अभियान चलाएगी जिसका केंद्र दिल्ली और लखनऊ होगा.
हिन्दू संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अरुण विक्रमादित्य ने बताया कि "इस विधेयक के द्वारा सरकार का हिन्दू विरोधी चेहरा सामने आ गया है. ये मात्र तुष्टिकरण नहीं बल्कि सीधे-सीधे हिन्दुओं पर कुठाराघात है. इसके द्वारा सरकार हिन्दुओं को पंगु बना देना चाहती है." श्री अरुण ने कहा कि "लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे. हम इस विधेयक के विरोध में लोकतान्त्रिक तरीके से एक ऐसा जनांदोलन खड़ा करेंगे कि सरकार झुकने को मजबूर हो जाएगी. हम आम आदमी से लेकर विशिस्ट व्यक्तियों तक अपनी बात पहुंचाएंगे और इस विधेयक का विरोध करने की अपील करेंगे."
श्री अरुण ने कहा कि इसके लिए हमने अपनी रुपरेखा तैयार कर ली है. देश के बड़े विश्वविद्यालय हमारे इस अभियान के केंद्र होंगे. हमने अनेक विश्वविद्यालयों में और कई राज्यों में अपने संयोजक नियुक्त कर दिए है जो सक्रिय हो गए हैं. इसके साथ ही हम वकील, डॉक्टर, पत्रकार, सांसदों, शिक्षकों और देश के अनेक वर्गों के लोगों तक अपनी बात पहुंचाएंगे. संसद सत्र शुरू होने के साथ ही हमारी गतिविधियाँ और तेज हो जाएँगी और दिल्ली समेत देश के अनेक हिस्सों में मार्च, विरोध प्रदर्शन किया जायेगा.
हिन्दू संघर्ष समिति ने युवाओं को इस अभियान से अधिक जोड़ने का प्रयास किया है. हमने इंटरनेट पर भी प्रचार शुरू कर दिया है जिसका बहुत सकारात्मक उत्तर मिल रहा है. सरकार किसी ग़लतफ़हमी में न रहे कि वो इस तरह का कानून लाकर हिन्दुओं को समाप्त करने की चाल में सफल हो जाएगी. हिन्दू सहिंष्णु जरुर है मगर कायर नहीं.





PRESS RELEASE, Date-20/09/2011

हिन्दू संघर्ष समिति
.
HINDU STRUGGLE COMMITTEE
हिन्दू संघर्ष समिति के अध्यक्ष श्री अरुण विक्रमादित्य ने बीजेपी को चेताया, उलेमा काउन्सिल में बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रभारी डॉ जे के जैन के भाषण की निंदा की.

अभी हाल की कुछ घटनाओं से भारतीय जनता पार्टी का चाल, चरित्र और चेहरा कुछ और बदरंग होता नजर आया है. भारतीय जनता पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रभारी डॉ जे के जैन का उलेमा काउन्सिल में 19 सितम्बर को दिया गया भाषण आतंकवादियों को उत्पीडन का जामा पहनाकर सहानुभूति और दया का पात्र बताने की कोशिश है जो सही मायनों में भयंकर पाप एवं स्पष्ट देशद्रोह है. उत्पीडन के शिकार आतंकवादी नहीं बल्कि बम विस्फोटों, आतंकवादी हमलों में मारे गए निर्दोष नागरिक एवं सुरक्षा कर्मी हैं. भारतीय जनता पार्टी की यह नीति भय, भूख और भ्रष्टाचार से लड़ने वाली, जिसकी वो दावा करते हैं, होने की बजाय, अन्याय और इस्लामिक आतंकवाद का तुष्टिकरण है. इस प्रकार की तथाकथित ओछी धर्मनिरपेक्षता या सस्ती राजनितिक फसल काटने की इच्छा दुर्बुद्धि के सिवाय कुछ और नहीं है. इससे भाजपा के राष्ट्रवादी चरित्र का पतन होता प्रतीत हो रहा है.

मेरी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शीर्ष नेतृत्व से प्रार्थना है कि राष्ट्रवादी संगठन के तौर पर पहचाने जाने वाली भारतीय जनता पार्टी पर ऐसा कलंक न लगने दें और उन्हें तुरंत बर्खास्त किया जाये. मैं उनसे विनती करता हूँ कि वो न्याय सभी के लिए और तुष्टिकरण किसी के लिए नहीं वाली नीति की स्पष्ट व्याख्या करें. जे के जैन जैसे नेता भाजपा के राष्ट्रवादी चरित्र का बलात्कार करने की कोशिश कर रहे हैं जो बहुत ज्यादा निंदनीय है.





PRESS RELEASE, Date-19/09/2011

हिन्दू संघर्ष समिति
.
HINDU STRUGGLE COMMITTEE
जामिया के सराय जुलेना चौक पर हिन्दू संघर्ष समिति का शहीद मोहन चंद शर्मा को श्रद्धांजलि, सराय जुलेना चौक का नाम मोहन चंद शर्मा चौक किया, पुलिस ने गिरफ्तार किया.

नई दिल्ली. आज हिन्दू संघर्ष समिति के नेतृत्व में बड़ी संख्या में युवाओं ने सराय जुलेना चौक पर बटला हाउस एनकाउंटर में शहीद इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की. साथ ही सराय जुलेना चौक का नाम बदलकर शहीद इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा चौक कर दिया. जबर्दश्त प्रदर्शन और आतंकवाद के खिलाफ मार्च के बाद सभी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. हालाँकि बाद में पुलिस ने उस नाम को मिटाकर उसे दोबारा सराय जुलेना चौक कर दिया जिससे कार्यकर्ताओं में काफ़ी रोष व्याप्त हो गया. इसके बाद सभी लोग विरोध करने लग गए और वहीँ पर धरने पर बैठ गए. काफी विरोध के बाद पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया और न्यू फ्रेंड्स कालोनी लेकर गए.
इस विरोध प्रदर्शन में हिन्दू संघर्ष असमिति के अध्यक्ष अरुण विक्रमादित्य, भगत सिंह क्रांति सेना के तजिंदर पाल सिंह बग्गा, दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष मनोज चौधरी, युवा सेवा समिति के विजय शर्मा, शिव सेना के विष्णु गुप्ता, लवी भरद्वाज, छात्र नेता उत्कर्ष चौधरी, स्वतंत्रदीप कौशिक आदि लोग अपने साथियों के साथ उपस्थित थे. हिन्दू संघर्ष असमिति के अध्यक्ष अरुण विक्रमादित्य के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध दर्ज कराया. अरुण विक्रमादित्य ने संबोधित करते हुए कहा कि - ये दुःख की बात है कि एक जाबांज अधिकारी जो देश के लिए अपनी क़ुरबानी देता है, उसकी क़ुरबानी पर राजनीतिक रोटियां सेंकी जा रही हैं. मुस्लिम तुष्टिकरण के चलते ही शहीद मोहन चंद शर्मा की क़ुरबानी को व्यर्थ बताया जा रहा है जबकि आतंकियों को गले लगाया जाता है. बटला हाउस चौक को अब वहां के लोग एनकाउन्टर में मरे गए आतंकवादी के नाम पर शहजाद चौक बुलाने लगे हैं. ये शर्म की बात है."
सारे घटनाक्रम से कार्यकर्ताओं में भारी रोष है और वो चाहते हैं कि इस चौक का नाम शहीद मोहन चंद शर्मा चौक किया जाये.






PRESS RELEASE, Date-16/09/2011

हिन्दू संघर्ष समिति
.
HINDU STRUGGLE COMMITTEE
कामकोटी पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी जयेंद्र सरस्वती जी का हिन्दू संघर्ष समिति को समर्थन
नई दिल्ली. आज जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय (जे एन यू) के पी एच डी के छात्रों का एक दल कामकोटी पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी जयेंद्र सरस्वती जी से मिला. अरुणा आसफ अली मार्ग पर स्थित कामाक्षी मंदिर में हिन्दू संघर्ष समिति की दक्षिणी दिल्ली की संयोजक गायत्री दीक्षित के नेतृत्व में रिसर्च स्कोलर छात्रों का ये दल स्वामी जी से मिला. इस अवसर पर इन छात्रों को संबोधित करते हुए पूज्य स्वामी जी ने कहा - "यह बिल बहुसंख्यक हिन्दुओं के प्रति सरकार की संकीर्ण एवं पूर्वाग्रह मानसिकता को दर्शाता है. यह न्याय की अवधारणा के भी विपरीत है. यह भारत के धर्मनिरपेक्ष ढांचे के लिए विनाशकारी सिद्ध होगा. 1919 में अंग्रेजों की सरकार ने रौलेट एक्ट नामक कानून प्रस्तावित किया थाजिसमें किसी भी अपील-दलील-वकील का प्रावधान नहीं थापरन्तु यह बिल उससे भी अधिक खतरनाक है. यह निंदनीय है और सरकार को इसे तुरंत प्रभाव से वापस लेना चाहिए." पूज्य स्वामी जी ने इस अवसर पर हिन्दू संघर्ष समिति का सांप्रदायिक हिंसा रोकथाम बिल के विरोध में जान जागरण के लिए प्रचार सामग्री भी जारी की.
पूर्व सांसद श्री बी एल शर्मा प्रेम जी ने कहा कि - "यह नेशनल औरंगजेबी काउन्सिल का तुगलकी फरमान है जो भारत में इस्लामिक राज्य की पूर्वपीठिका साबित होगा. इस बिल को लागू करना हिन्दू विद्रोह को न्योता देना है. सरकार कृपया समझदारी से काम ले." 

इस अवसर पर हिन्दू संघर्ष समिति के अध्यक्ष श्री अरुण कुमार ने कहा कि "संप्रग सरकार की इस बिल के स्वरुप को लेकर दिखाई जा रही हठधर्मिता निंदनीय है. यह शांतिपूर्ण हिन्दू समाज को हिंसक क्रांति के लिए निमंत्रण है. देश के धर्मनिरपेक्ष चरित्र में बहुसंख्यक हिन्दुओं का सर्वाधिक योगदान है परन्तु उस पर पानी फेरते हुए सरकार मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति से दो कदम आगे बढ़कर हिन्दुओं से भेदभाव व उन्हें दोयम दर्ज़े का नागरिक बनाने की नीति पर आ गई है. सरकार को शर्म आनी चाहिए. अपने इस दुष्कृत्य के लिए माफ़ी मंगनी चाहिए अन्यथा उन्हें सावधान हो जाना चाहिए क्योंकि यह बिल उनके ताबूत में आखिरी कील साबित होने जा रहा है."
मनु संस्कृति संस्थान के डॉ वरुण वीर ने कहा "भारतीय उपमहाद्वीप में पिछले दो हजार वर्षों से हो रहे हिन्दू उत्पीड़न को सरकार ने इस बिल के माध्यम से नये आयाम दिए हैं. भ्रष्टाचार को लेकर जनाक्रोश झेल चुकी सरकार उसके पैरों के नीचे दहक रही मूक क्रांति से बेखबर है. अभी भी वक्त है कि सरकार अपनी गलती मानकर सुधर जाए." इस अवसर पर रिटायर्ड आई पी एस श्री आर के ओहरी भी मौजूद थे और उन्होंने भी बिल की निंदा की.        





PRESS RELEASE, Date-08/092011

हिन्दू संघर्ष समिति
.
HINDU STRUGGLE COMMITTEE
 
ABVP उम्मीदवारों ने डूसू चुनावों से पूर्व संध्या पर हिन्दू संघर्ष समिति से माँगा समर्थन
नई दिल्ली, 08 सितम्बर. आज दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के प्रत्याशियों ने हिन्दू संघर्ष समिति से चुनाव से पूर्व संध्या पर समर्थन माँगा है. डूसू चुनाव में ABVP के अध्यक्ष पद की प्रत्याशी कुमारी नेहा सिंह और ज्वाइंट सेक्रेटरी पद के प्रत्याशी श्री दीपक बंसल ने हिन्दू संघर्ष समिति के अध्यक्ष श्री अरुण कुमार से मिलकर डूसू चुनावों में उनसे समर्थन की अपील की. इस मौके पर ABVP के राष्ट्रीय महामंत्री श्री उमेश दत्त भी उपस्थित थे.

इस मौके पर हिन्दू संघर्ष समिति के अध्यक्ष श्री अरुण कुमार ने कहा कि हम पूरी तरह आपके साथ हैं. उन्होंने कहा कि विचारधारा के आधार पर ABVP हमारे विचार का संगठन है और विभिन्न मुद्दों पर हमारी सोच काफी हद एक जैसी है. इसलिए हिन्दू संघर्ष समिति इन चुनावों में ABVP का पूरी तरह समर्थन करेगी. श्री अरुण कुमार ने कहा कि आगे भी देश, समाज और धर्म के हित में जब भी जरुरत पड़ेगी तो हम ABVP का पूरा साथ देंगे.
उल्लेखनीय है कि हिन्दू संघर्ष समिति सांप्रदायिक हिंसा रोकथाम विधेयक के विरोध में देश भर में जनजागरण अभियान चला रही है. दिल्ली विश्वविद्यालय, जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय, इन्द्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय, लखनऊ विश्वविद्यालय, मेरठ विश्वविद्यालय आदि में हिन्दू संघर्ष समिति को छात्र-छात्राओं और युवाओं का व्यापक समर्थन मिला है. हजारों छात्र और युवा हिन्दू संघर्ष समिति और उसके अभियान से जुड़ चुके हैं. शायद इसी को देखते हुए ABVP ने कल होने वाले डूसू चुनावों में हिन्दू संघर्ष समिति से समर्थन की अपील की है.





PRESS RELEASE, Date-23/08/2011

हिन्दू संघर्ष समिति
.
HINDU STRUGGLE COMMITTEE

सांप्रदायिक एवं लक्षित हिंसा बिल और भारतीय उपमहाद्वीप में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ प्रदर्शन










Friday, 8 July 2011

Photo Gallery



Dr Subramaniyam Swami in JNU--Talk on Communal Violence Bill.



















HSC pay tribute to Martyr Inspector Mohan Chand Sharma in Jamia Milia Islamia University












Jagadguru Shankaracharya Param Pujya Swami Jayendra Saraswati ji launched Campaign Literature of Hindu Struggle Committee against Communal Violence Bill




























HSC protest Dr B L Sharma Prem, Arun Kumar, Tajinder Pal Singh Bagga

Dr Praveen Bhai Togaida in HSC offce. HSC President Arun Kumar beside them. Vishnu Gupta introduce him from our blog and campaign.

Dr Praveen Bhai Togadia, HSC activist Vishnu Gupta and Tushar Agrawal

Dr Praveen Bhai Togadia, HSC activist Vishnu Gupta and Ritesh Anand Trivedi



HSC protest Dr B L Sharma Prem, Arun Kumar, Manoj Chaudhary, Nitin Diwan, Manish Mishra